सरकारी कर्मचारियों के लिए पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पोस्टिंग के नियम
पारिवारिक जुड़ाव एक सुखद जीवन का आधार है, और सरकार इसे बनाए रखने के महत्व को समझती है। सांसद श्री अनिल यशवंत देसाई ने पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पोस्टिंग के नियम, उनके उपयोग, और स्थानांतरण के मामले में उपायों को लेकर सवाल उठाए। यहां इनसे जुड़े नियमों और सरकारी उत्तरों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पोस्टिंग के लिए नियम
क्या पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पोस्टिंग के लिए कोई नियम हैं?
हां। 30 सितंबर 2009 को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने एक ऑफिस मेमोरेंडम (OM) जारी किया। इसमें मंत्रालयों और विभागों को सलाह दी गई है कि सरकारी सेवा में पति-पत्नी को, जहां संभव हो, एक ही स्थान या निकटतम स्थान पर पोस्ट किया जाए। यह खाली पदों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
विभिन्न विभागों में नियमों की उपयोगिता
- ये दिशानिर्देश केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों पर लागू होते हैं।
- हालांकि, हर विभाग के पास अपने संचालन की जरूरतों के अनुसार स्थानांतरण और पोस्टिंग से जुड़े विशिष्ट नियम हो सकते हैं।
अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरण के लिए समाधान
- यदि पति-पत्नी को अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है, तो इन नियमों में परिवार को साथ रखने के लिए लचीलापन और सुरक्षा प्रदान की गई है।
- संगठनात्मक जरूरतों और पदों की उपलब्धता के आधार पर दोनों को एक साथ पोस्ट करने का प्रयास किया जाता है।
पारिवारिक और कार्य जीवन का संतुलन
इन नियमों से सरकार का पारिवारिक एकता को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कार्यक्षमता को संतुलित करने का संकल्प दिखाई देता है।
सरकार इन नीतियों के माध्यम से:
- स्थानांतरण के कारण परिवारों को होने वाली कठिनाइयों को कम करना चाहती है।
- अपने कर्मचारियों के लिए एक सहायक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना चाहती है।
नियमों का महत्व
पति-पत्नी की एक ही स्थान पर पोस्टिंग के नियम, सरकारी कर्मचारियों की व्यक्तिगत और पेशेवर जरूरतों को समझने और उनका समाधान करने के प्रति सरकार के संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। ये नियम परिवार के महत्व को रेखांकित करते हैं, जिससे कर्मचारियों का कल्याण और कार्यस्थल की सामंजस्यता सुनिश्चित होती है।